Wednesday, September 28, 2016

Shri Devkinandan Thakur Ji Katha 2016 in Foreign



Pujya Shri Devkinandan thakur Ji Maharaj will be in USA & CANADA
From: 2016-08-27 To: 2016-10-30 Time: Schedule
Venue: Pujya Shri Devkinandan thakur Ji Maharaj will be in USA & CANADA in the months of August, September & October 2016. For more information please contact : (USA) Madhu Kapoor +1-201-788-8862 CANADA Dinesh Gautam (416)-219-4786

Shrimadh Bhagwat Katha- Ontario CANADA
From: 2016-09-24 To: 2016-09-30 Time: Saturday 5pm to 7pm, Sunday 11am to 1:30pm, Mon-Fr
Venue: Hindu Sabha Temple, 9225 The Gore Road, Brampton Ontario L6P 0B6, Contact: 416-219-4786

Shrimad Bhagwat Katha- New Jersey, USA
From: 2016-10-01 To: 2016-10-07 Time: 5:45PM to 8 PM
Venue: Shree Dwarkadhish Temple, 717 Wasington Road, Parlin, New Jersery 08854, Contact - Madhu Kapoor 2017888862


Shri Krishna Katha-PENNSYLVANIA, USA
From: 2016-10-08 To: 2016-10-09 Time: 5:30pm to 8:00pm
Venue: Shri Swaminarayan Hindu Temple, 933 Prescott Avenue, Scranton PA 18510, Contact: 201-788-8862


Krishna Katha - Ontario, CANADA
From: 2016-10-15 To: 2016-10-16 Time: 5 to 8pm | 10AM to 1PM
Venue: Bhawani Shankar Mandir, 90 Nexux Ave, Brampton Ontario. Contact416-219-4786

Ram Katha - VANCOUVER, CANADA
From: 2016-10-23 To: 2016-10-29 Time: 5:30pm to 8:00pm
Venue: Vedic Hindu Cultural Society, 8321-140 Street, Surrey, BC-Canada, Contact: 416-219-4786

Tuesday, September 27, 2016

Pujya Shri Sanjeev Krishna Thakur ji Katha 2016



Shri Madh Bhagwat Katha in Hodal (HR)
6/1/2016

For Help of Old,Disabled Cows in Samarpan Goshala.
Shri Madh Bhagwat Katha

From 1st June to 8th June 2016

Venue-Old Anaj Mandi,Hodal (HR)

Time-Daily 15:00 to 18:30  (pm)



Live telecast by Aastha Tv.

For more detail pls call-0091-8285009571



PRAVCHAN ON GEETA IN CANADA
5/22/2016

:His Holiness Pujya Sh.Sanjeev Krishna Thakur ji:
                                      in CANADA


                             On 22nd May 2016

Geeta Pravchan

Venue-Vaishno Devi Temple

3259,Bronte Road,Okvile, ON L6M 4J3



Time-15:30 PM TO 17:30 PM


For more details pls call .

Harish Naik-647-627-7223



PRAVCHAN ON GEETA IN CANADA
5/22/2016

:His Holiness Pujya Sh.Sanjeev Krishna Thakur ji:
                                      in CANADA


                             On 22nd May 2016

Geeta Pravchan

Venue-Sanatan Mandir Cultural Centre

9333 Woodbine Ave, Markham, ON L6C 1T5

Time-10:30 AM TO 12:00 PM


For more details pls call .

Harish Naik-647-627-7223



Bhakt Mall Katha in London.
5/24/2016

:His Holiness Pujya Sh.Sanjeev Krishna Thakur ji:
                                      in London.


                             On 24,25 May 2016

Bhaktmall Katha

Bhagwati Shakti Peeth
47,Eland Street ,Basford ,Nottingham

NG7 7DY

Time-7:00 TO 9:00 (PM)

For more details pls call .

Deepti Mistry-(0116) 216 1684



PRAVCHAN ON GEETA IN CANADA
5/21/2016

:His Holiness Pujya Sh.Sanjeev Krishna Thakur ji:
                                      in Canada.


                             ON 21st May 2016

    Pravchan On Geeta.

Venue-Hindu Samaj Temple.
6297,Twenty Rd E,Hamilton,ON L0R 1P0
Time-18:00 PM TO 19:30 PM

For more details pls call .

Harish Naik- 647-627-7223



PRAVCHAN ON GEETA IN CANADA
5/15/2016

:His Holiness Pujya Sh.Sanjeev Krishna Thakur ji:
                                      in Canada.


                             ON 15th May 2016

    Pravchan On Geeta.

Venue-Hindu Heritage CENTRE
6300 Mississauga Road,Mississauga ,ON L1N 1A7
Time-16:00 PM TO 18:00 PM

For more details pls call .

Harish Naik- 647-627-7223



PRAVCHAN ON GEETA IN CANADA
5/15/2016

His Holiness Pujya Sh.Sanjeev Krishna Thakur ji in Canada.



From 15-17 May 2016.

Pravchan On Geeta.

Venue-Lxmi Narayan Mandir

1,Morningview Trail,Scarborough, ON M1B 5A8

On 15th May time will be from 11:00 AM TO 1:00 PM.

On 16,17 May time will be from 18:30 PM To 20:30 PM



For more details pls call .

Harish Naik- 647-627-7223

Monday, August 22, 2016

श्री प्रियाकान्त जू मन्दिर ,शान्ति सेेवा धाम - श्रीधाम वृन्दावन मथुरा। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर 108 श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन


श्री प्रियाकान्त जू मन्दिर ,शान्ति सेेवा धाम - श्रीधाम वृन्दावन मथुरा।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर 108 श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन आपके श्रीधाम वृन्दावन में श्री देवकी नंदन ठाकुर जी के पावन सानिध्य में विश्व शान्ति सेवा चैरीटेबल ट्रस्ट के तत्वाधान मैं प्रियाकान्त जू मंदिर- श्रीधाम वृन्दावन में आयोजित इस भव्य कथा आयोजन में आज सभी भक्तों को चतुर्थ दिवस की कथा में भगवान श्री कृष्ण प्राकट्य उत्सव बड़ी धूम धाम मनाया गया ।

कथा प्रसंग की शुरूआत से पहले कथा के मुख्य यजमान श्री शीतल त्यागी जी ने सह परिवार सहित व्यास पूजन व आरती कर महाराज श्री से आर्शीवाद प्राप्त किया। कथा प्रसंग की शुरूआत एक मनोहर, सुन्दर भजन से की जिसके बोल हैै।
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे।

शांति सेवा धाम वृन्दावन में पूज्य महाराज श्री के पावन सानिध्य में आयोजित भव्य श्रीमद भागवत कथा में आज सभी भक्तों को चतुर्थ दिवस की कथा श्रवण कराई गयी। कथा प्रसंग को प्रारंभ करते हुए ठाकुर जी ने कहा कि ऐसे लोग बड़े ही भाग्यशाली होते हैं जिन्हें भगवान के उत्सवों में शामिल होने का अवसर प्राप्त होता है और जो सच्चे भक्त व धर्म की रक्षा करने वाले होते हैं उन्हें भगवान स्वंय ही अपने उत्सवों में शामिल होने के लिए बुला लेते हैं। आज जो कुछ भी हमारे पास है जिस पर हम अपना हक़ जमाते हैं वो सब कुछ हमारे पास परमात्मा की देन है। ये सुख-सुविधाएं,धन-दौलत सब एक पानी के बुलबुले की तरह है। जिस प्रकार पानी का बबूला हमेशा नहीं रहता उसी प्रकार ये धन-दौलत,सुख-सुविधाएं हमेशा हमारे पास नहीं रहतीं अगर हमारे पास कुछ रहता है तो वो है भगवान की भक्ति, हालत चाहे जो भी हों भगवान की भक्ति, भगवान का नाम रूपी धन हम से कोई नहीं छीन सकता। फिर भी इंसान उसी के पीछे भागता है जिसे एक न एक दिन नष्ट होना है और जो अजर-अमर है जिसको प्राप्त कर लेने के बाद हमारा जीवन ही नहीं हमारी मृत्यु भी संवर जाएगी जीव मानव उसे प्राप्त करने की कोशिश नहीं करता। ठाकुर जी ने कहा जब हम अपने समाज या अपने भगवान के प्रति कोई शुभ कार्य करते हैं तो भगवान उस समाज में हमारा दर्जा बढ़ा देते हैं जिससे लोग हमारे मरने की नहीं बल्कि जीने की भगवान से दुआ मांगे और जो भगवान के शुभ कार्यों में बढ-चढ़कर हिस्सा लेते हैं उन्हें दुआऐं मांगने की जरुरत नहीं पड़ती। आज जो कुछ भी हमारे पास है वो सब कुछ हमें भगवान के प्रसाद के स्वरूप में मिला है लेकिन इस के बाद भी हम भगवान को भूलते जा रहे हैं। हम सोचते हैं कि आज हमारे पास जो कुछ भी है वो हमारी किस्मत में था। हमारी किस्मत को भगवान ही बनाते हैं और जो शुभ कर्म हम करते है वो भी हम से प्रभु ही करवाते हैं। ठाकुर जी ने कहा की ये शरीर हमारा न तो था न है और न ही रहेगा अगर हमारा कुछ है तो वो है हमारी आत्मा तो क्यों न हम अपने शरीर को संवारने की बजाय अपनी आत्मा को संवारें। यह कटु सत्य है की इस शरीर को एक न एक दिन नष्ट होना है लेकिन हमारी आत्मा अजर-अमर है। पाप हमारा शरीर करता है और भोगना हमारी आत्मा को पड़ता है तो फिर हम ऐसा काम क्यों करें जिससे मृत्यु के पश्चात् हमरी आत्मा को कष्ट हो क्यों न भक्त ध्रुव और भक्त प्रह्लाद की तरह ऐसी भक्ति करें जिससे मृत्यु के पश्चात् हमारी आत्मा इस जीवन-मरण के चक्कर से मुक्त होकर प्रभु के श्री चरणों की सेवा में विलीन हो जाए। आज की कथा में कृष्ण जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। सभी भक्तों के बीच कृष्ण जन्म की बधाईयाँ बाँटी गयी। कथा के मुख्य यजमान ने सह-पत्नी कृष्ण भगवान का पूजन किया। कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर पूज्य महाराज जी ने बड़े ही मधुर-मधुर भजन भक्तों को श्रवण कराये व कन्हैया के दीवानों ने झूम-झूमकर भजनों का आनंद उठाया।
कल पंचम दिवस में भगवान श्रीकृष्ण बाल लीलाओँ की कथा श्रवण कराई जायेगी।
राधे राधे बोलना पड़ेगा
Priyakant Ju Temple - Shri Dham Vrindavan
प्रियाकांत जु मंदिर शांति सेवा धाम, श्रीधाम वृंदावन - मथुरा

Tuesday, August 9, 2016

श्री देवकीनंदन ठाकुर जी भागवत कथा दरभंगा बिहार

पूज्य श्री देवकीनन्दन ठाकुर जी महाराज के पावन सानिध्य में कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय खेल मैदान दरभंगा में आयोजित विशाल श्रीमद्भागवत कथा में आज सभी भक्तों को तृतीय दिवस की कथा पूज्य महाराज श्री द्वारा श्रवण कराई गई।

कथा प्रसंग की शुरूआत करने से पहले मुख्य यजमान श्याम उत्सव परिवार ने परिवार सहित व्यास पूजन व आरती कर महाराज श्री से आर्शीवाद प्राप्त किया। महाराज श्री ने कथा की शुरूआत अपने श्री मुख से एक सुन्दर मनोहर भजन से की। जिसके बोल है। तेरी बिगड़ी बना देगी -चरण रज राधा प्यारी की
सोई किस्मत जगा देगी - चरण रज राधा प्यारी की ।
अगर आपको अपने आराध्य पर विश्वास है तो आपको वो सब मिलेगा जो आप चाहते है। मिलता उसी को है जिसको चाह है जिसकी इच्छा है। जब मन मे गलत बात गलत आचरण जन्म लेते है तो गलत कार्य करते है।
जिसके मन में जैसा भाव होता है उसे वैसा ही फल प्राप्त होता है। भागवत हमें सब कुछ प्रदान करती है अगर हम ध्यान से भागवत श्रवण करें तो।
व्यास जी का कथन सौ प्रतिशत सत्य है कि अगर कोई नियम के साथ भागवत श्रवण करे तो उसे सात दिन के अंदर मोक्ष प्राप्त होगा जो मोक्ष 1000 साल में भी नही मिला वह सिर्फ भागवत श्रवण मात्र से मिल जाता है।
महाराज श्री ने क्रोध को काबू करने का उपाय भी बताया। महाराज श्री ने बताया कि जब मनुष्य को क्रोध आये तो उसे उसी वक्त मत प्रकट करो दो मिनट शान्त रहो क्रोध अपने आप चला जायेगा।
महाराज श्री ने अपमे देश में हो रहे आतंकी हमलों को क्रोध का कारण बताया। मासूम बच्चे जिनका कोई कसूर नही है। वो अपनी जान से हाथ धो बैठते है। ये सब क्रोध की निशानी ही तो है।
बिहार की सरकार ने शराब बन्द की इसके लिए श्री देवकीनन्दन ठाकुर जी महाराज ने सरकार को घन्यवाद प्रकट किया। और सभी प्रदेशों की सरकारों से शराब बन्द करने का आग्रह किया।
हमारे देश को चुप रहने वाले मनुष्यों से ज्यादा खतरा है न कि बोलन वालों से वो तो बड़ बोले होते है वो तो सिर्फ अपनी बुद्विमानी का सबूत देते रहते है।
पूज्य महाराज श्री ने परीक्षित जी महाराज के प्रसंग को प्रारंम्भ करते हुए कहा कि जब परीक्षित जी महाराज को पता चला कि सातवें दिन उनकी मृत्यु निश्चित है तो अपना सब कुछ त्याग दिया और शुकदेव जी से पूछा जिसकी मृत्यु निश्चित हो उसे क्या करना चाहिए और मृत्यु हमारे जीवन का कटु सत्य है।
हम इस संसार मे खाली हाथ आए थे और खाली हाथ ही जायेंगे। यह पता होने के बावजूद भी हम अपना सारा जीवन सांसारिक भोगविलास में गुजार देते हैं। और प्रभु ने हमें जिस कार्य मानव जीवन दिया है उससे हम भटक जाते है। शुकदेव जी ने परिक्षित जी महाराज से कहा हे राजन जिसकी मृत्यु निश्चित हो उसे भागवत कथा श्रवण करनी चाहिए।उसी प्रकार हमें भी सच्चे मन से भागवत कथा श्रवण करनी चाहिए। और भगवान की भक्ति करनी चाहिए।
कथा के अंत में महाराज श्री एवं मुख्य यजमान श्री श्याम बाबा परिवार ने परिवार सहित श्री प्रियकांत जू की आरती कर आर्शीवाद प्राप्त किया।

Sunday, July 17, 2016

Guru purnima Mahotsav Shanti Sewa Dhaam Vrindavan 2016

Guru Purnima Mahotsav 18 to 19 July 2016 Shanti Sewa Dham Vrindavan

From: 2016-07-18 To: 2016-07-19 Time:

Venue: Shanti Sewa Dham Vrindavan

Monday, June 13, 2016

Shri Gopal Mani Ji Maharaj Trust and Mission

TRUST & MISSION

The aim of "Gopal Golok Dham Trust " is to spread culture of gau Ganga throughout India and to encourage natural healing. India is a Adhyatamparayana country. Western countries where the work activities and policies are motivated by selfishness, While charitable primacy in India. For ourself to hurt or kill any creature to her iniquity has been considered. Indian culture has never accepted it. As far as the question of cow from the start of our sage cow is regarded as best creatures of nature by our rishi muni, also cow is considered the mother of the world. In the Vedas the cow called as "aghnya". it is shown Awdhy the cow, ie in any case can not be cow slaughter. "Aghany" means - which is neither one nor troubling themselves suffered. So from the start Indian rulers protect the state to Govansh , and regarded it Awdhy. In those days the cow campaign was sentenced to life.

*Gopal Golok Dham (dairy) to serve Cows in various areas of India.
*Work areas and to establish centers of attention to dissemination of Indian culture.
*Yoga training centers at various locations to establish.
*General public to provide free education system based on ancient cultural tradition of Gurukul schools to establish.
*Poor to public libraries, research centers and study centers to establish.
*Religious and technical knowledge, etc. to achieve the functions.
*Establishment of public libraries, research centers and study centers to poor people.
*Religious and technical knowledge to achieve the functions.
*Establishment of hospital , public schools to poor people.
*Establishing animal hospitals to animal.
Ayurvedic plants and herbs to grow and their conservation.
*To environmental protection and afforestation, etc..
*From Gaushalas Goghree, Gaumutr and other items get built Ayurvedic medicine for the needy.
*The studies to help poor and talented students Providing scholarship.
Yoga and Natural treatment to dissemination of.
*De-addiction and crime mobilization for liberation.
*Creating awareness towards human rights of every human.
To encourage research work on Indian culture.
*Religious functions and religious festivals held periodically to get.
*Preserving the sanctity of holy rivers Ganga and mobilization for.
*Ashrams, Dharmshalaoa , temples and other religious sites get built.
*Dissemination to whole India and the world ,culture of cow Ganga.

"Gopal Golok Dham Trust " Work
Yet produce nearly 27 gaushala Uttaranchal and has been in different parts of the country.
In gaushala these disposable cows are served, which can not be any profit.
Gopal mani ji Maharaj's Aim of building gaushala, to preserve the ancient culture of gau & ganga .and also gau is to be declared the national mother.
More than 700 locations far from their vibrant voice Maharaj Ji have discourses Ram Katha.
Maharaj Ji have yoga meditation camps at various places .
To protect cows shasra chandi and lakshya chandi has been organized by Maharaj Ji in Golok Gopal Dham Uttaranchal Chopardhaar

Source is taken From Shri Gopal Mani ji oofficial website.

श्री देवकीनंदन ठाकुर जी ने लगाई सरयू नदी में डुबकी

आज सुबह पूज्य महाराज श्री ने भी सरयू नदी में स्नान कर लाभ प्राप्त किया व नदी के किनारे ही बाबा भोलेनाथ का दुग्धाभिषेक किया। इसके उपरांत सभी संत महात्माओं का सानिध्य प्राप्त किया व महंत पूज्य श्री नृत्यगोपाल दास जी से आशीर्वाद प्राप्त कर मंदिरों के भी दर्शन किये।

सरयू नदी जिसका आयोध्या में बहुत बड़ा महत्व है जिसमे प्रभु श्री राम ने भी स्नान किया था और आज भी सभी संत महात्मा उसमें स्नान करके लाभ प्राप्त करते हैं। 

यह एक वैदिक कालीन नदी है जिसका उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है। इस संदर्भ में यह वितर्क किया जाता है कई ऋग्वेद में इंद्र द्वारा दो आर्यों के वध की कथा में जिस नदी के तट पर इस घटना के होने का वर्णन है वह यही नदी है।

रामायण की कथा में सरयू अयोध्या से होकर बहती है जिसे राजा दशरथ की राजधानी और भगवान श्री राम की जन्मभूमि  माना जाता है। वाल्मीकि रामायण के कई प्रसंगों में इस नदी का उल्लेख आया है। उदाहरण के लिये, विश्वामित्र ऋषि के साथ शिक्षा के लिये जाते हुए भगवान श्री राम द्वारा इसी नदी द्वारा अयोध्या से इसके गंगा के संगम तक नाव से यात्रा करते हुए जाने का वर्णन रामायण के बाल काण्ड में मिलता है। कालिदास के महाकाव्य रघुवंशम् में भी इस नदी का उल्लेख है, बाद के काल में रामचरित मानस में तुलसीदास ने इस नदी का गुणगान किया है।

Friday, March 25, 2016

पूज्य आचार्य श्री दामोदर जी महाराज जी अब नहीं रहे

अपार दुःख के साथ हम ये सुचना दे रहे हैं की परम पूज्य आचार्य श्री दामोदर जी महाराज "कन्हैयाजी" (गोवर्धन वाले) भईया अब हमारे बीच नही रहे।
कल दोपहर दो बजे उनका शरीर शान्त हो गया !
ठाकुरजी इनको परमं शान्ति प्रदान करें......